PM Kisan Samman Nidhi Yojana: भारत में किसानों की आर्थिक मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं। PM Kisan Samman Nidhi, Namo Shetkari Mahasanman Nidhi, Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana और Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana इनमें सबसे लोकप्रिय हैं। इस लेख में हम इन सभी योजनाओं की किस्त तारीख, पात्रता, दस्तावेज और स्टेटस चेक करने का तरीका विस्तार से बता रहे हैं।
तीनों योजनाएँ: एक नज़र में
| योजनाएँ | PM Kisan Samman Nidhi, Namo Shetkari Mahasanman Nidhi, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना |
| PM Kisan लाभ | पात्र किसान परिवार को ₹6,000 वार्षिक, तीन समान किश्तों में |
| Namo Shetkari | महाराष्ट्र सरकार की पूरक सहायता, PM Kisan लाभार्थियों के लिए |
| फसल बीमा | प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर बीमा क्लेम |
| भुगतान | DBT — सीधे किसान के आधार लिंक बैंक खाते में |
| ज़रूरी शर्तें | भूमि रिकॉर्ड अद्यतन, आधार लिंक खाता, e-KYC पूर्ण |
| आधिकारिक पोर्टल | pmkisan.gov.in, pmfby.gov.in |
PM Kisan Samman Nidhi Yojana क्या है?
PM Kisan Samman Nidhi केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत देश के सभी पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है। योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी और 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में आने की उम्मीद है।
पात्रता
- देश का कोई भी भूमिधारक किसान परिवार आवेदन कर सकता है
- संस्थागत भूमिधारक (institutional land holders) पात्र नहीं हैं
- संवैधानिक पद पर मौजूद या पूर्व अधिकारी योजना के लिए अपात्र हैं
- सरकारी कर्मचारी (कुछ अपवादों को छोड़कर), आयकरदाता और पेशेवर (डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए) पात्र नहीं हैं
- उच्च पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि से जुड़े कागजात (खतौनी/जमाबंदी)
- बैंक पासबुक या खाता विवरण
- नागरिकता प्रमाण पत्र
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Namo Shetkari Mahasanman Nidhi Yojana (महाराष्ट्र)
यह महाराष्ट्र सरकार की राज्य स्तरीय योजना है, जो PM Kisan के साथ मिलकर काम करती है। इसमें भी पात्र किसान परिवार को हर साल 6,000 रुपये (2,000 रुपये की तीन किस्तों में) दिए जाते हैं। जिन किसानों के पास फरवरी 2019 तक भूमि थी वे PM Kisan और Namo Shetkari दोनों योजनाओं का लाभ ले सकते हैं, जिससे कुल मिलाकर सालाना 12,000 रुपये की मदद मिलती है। योजना की 9वीं किस्त जुलाई 2026 में कई जिलों में किसानों के खातों में जमा होनी शुरू हुई है, हालांकि सभी लाभार्थियों तक राशि पहुंचने में समय लग सकता है।
Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना भी PM Kisan के पात्र किसानों को अतिरिक्त राज्य सहायता देती है। हाल की सरकारी घोषणाओं के अनुसार अब यह सहायता राशि भी 6,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है (पहले यह राज्य सहायता 4,000 रुपये प्रति वर्ष थी), जिससे PM Kisan की 6,000 रुपये मिलाकर मध्य प्रदेश के किसानों को कुल 12,000 रुपये सालाना मिलते हैं। योजना की 13वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी हुई थी और 14वीं किस्त को लेकर जुलाई 2026 में लगातार अपडेट आ रहे हैं, इसलिए सटीक तारीख के लिए सीएम किसान पोर्टल पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY)
PMFBY केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना है, जो प्राकृतिक आपदा, कीट प्रकोप या बीमारी से खराब हुई फसल पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देती है। इसमें loanee और non-loanee दोनों तरह के किसान, साथ ही बटाईदार और किरायेदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
प्रीमियम दरें
- खरीफ फसलों के लिए किसान को सिर्फ 2% प्रीमियम देना होता है
- रबी फसलों के लिए प्रीमियम दर 1.5% है
- वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए प्रीमियम दर 5% है
- बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं
आवेदन और क्लेम प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं
- आधार नंबर और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- फसल, खेत का रकबा और बैंक विवरण भरें
- फसल खराब होने पर तय समय सीमा के अंदर हेल्पलाइन या पोर्टल पर सूचना दें
- Crop Cutting Experiment (CCE) डेटा के आधार पर फसल कटाई के लगभग दो महीने के भीतर क्लेम राशि खाते में भेज दी जाती है
स्टेटस कैसे चेक करें
- संबंधित योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलें (PM Kisan के लिए pmkisan.gov.in)
- “Beneficiary Status” या “Farmer Corner” विकल्प चुनें
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता संख्या डालें
- Get Data पर क्लिक करते ही किस्त और भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी
ध्यान दें: ये सभी योजनाएं अलग-अलग हैं
PM Kisan Samman Nidhi केंद्र सरकार की योजना है, जबकि Namo Shetkari Mahasanman Nidhi सिर्फ महाराष्ट्र और Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana सिर्फ मध्य प्रदेश के किसानों के लिए है। कई किसानों को दोनों योजनाओं (केंद्र + राज्य) का लाभ एक साथ मिलता है, लेकिन आवेदन, पोर्टल और किस्त की तारीखें तीनों योजनाओं की अलग-अलग होती हैं, इसलिए स्टेटस चेक करते समय सही पोर्टल चुनना जरूरी है।
इन सारी योजनाओं की सही जानकारी रखने से किसान समय पर लाभ ले सकते हैं और किस्त रुकने की समस्या को जल्दी सुलझा सकते हैं। स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जानने के लिए हमारा Ayushman Card Download 2026 गाइड भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) – PM Kisan Samman Nidhi Yojana
हां, अगर किसान दोनों योजनाओं के लिए पात्र है तो केंद्र और राज्य दोनों से पैसा अलग-अलग किस्तों में खाते में आता है।
सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाकर e-KYC और बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं, यह जरूर जांच लें, क्योंकि ज्यादातर मामलों में किस्त रुकने की यही वजह होती है।
आमतौर पर फसल कटाई के बाद के आंकड़े आने के करीब दो महीने के भीतर क्लेम राशि किसान के खाते में भेज दी जाती है।
हां, बटाईदार और किरायेदार किसान भी PMFBY के तहत बीमा करा सकते हैं, इसके लिए जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं है।
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किस्त अटकने की सबसे आम वजह: e-KYC और भूमि रिकॉर्ड
PM Kisan की किस्त रुकने की शिकायतें हर चक्र में आती हैं, और अधिकतर मामलों में कारण योजना की पात्रता नहीं बल्कि रिकॉर्ड की कमी होती है। तीन चीज़ें पूरी होनी चाहिए — आधार आधारित e-KYC, भूमि अभिलेख (land seeding) का सत्यापन और बैंक खाते का आधार से लिंक होना। पोर्टल पर लाभार्थी स्थिति देखने पर इन तीनों के सामने “Yes/No” लिखा दिखता है; जहाँ “No” दिखे, वही काम पहले पूरा कराना चाहिए।
- e-KYC पोर्टल पर OTP आधारित तरीके से या नज़दीकी CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक तरीके से पूरी कराई जा सकती है।
- भूमि अभिलेख सत्यापन के लिए तहसील/पटवारी कार्यालय से खाता-खसरा विवरण अद्यतन कराना पड़ता है।
- बैंक खाते को आधार से लिंक कराने के लिए बैंक शाखा में DBT सहमति फॉर्म भरना होता है।
- नाम की स्पेलिंग आधार, भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाते में एक जैसी होनी चाहिए।
लाभार्थी स्थिति (Beneficiary Status) कैसे देखें
- pmkisan.gov.in खोलें और “Know Your Status” या लाभार्थी स्थिति वाला विकल्प चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें; नंबर याद न हो तो मोबाइल/आधार से रजिस्ट्रेशन नंबर खोजने का विकल्प उपयोग करें।
- OTP सत्यापन के बाद हर किश्त की स्थिति और भुगतान की तारीख़ दिख जाती है।
- भुगतान “FTO generated” या “Payment success” दिखने पर बैंक पासबुक से पुष्टि करें।
फसल नुकसान होने पर क्लेम कैसे करें
फसल बीमा का क्लेम समय पर सूचना देने पर ही मिलता है, और यही चरण किसान सबसे ज़्यादा चूकते हैं। ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा या अन्य आपदा से नुकसान होने पर नुकसान की जानकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर (आमतौर पर 72 घंटे) बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, कृषि विभाग, बैंक शाखा या फसल बीमा ऐप के ज़रिए देनी होती है। सूचना देते समय खेत का सर्वे नंबर, बोई गई फसल, नुकसान का कारण और अनुमानित क्षेत्र बताना पड़ता है।
- बीमा प्रीमियम की रसीद और पॉलिसी नंबर संभालकर रखें।
- नुकसान की तस्वीरें और तारीख़ का रिकॉर्ड रखें, सर्वे के समय यह उपयोगी रहता है।
- सर्वे के दिन खेत पर उपस्थित रहें और सर्वेयर से पावती लें।
- क्लेम अस्वीकार होने पर ज़िला स्तरीय शिकायत समिति में अपील का विकल्प रहता है।
कौन किसान इन योजनाओं के पात्र नहीं होते
- संस्थागत भूमि धारक
- आयकर देने वाले किसान परिवार
- संवैधानिक पदों पर रहे व्यक्ति तथा वर्तमान/पूर्व सांसद, विधायक और मंत्री
- सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्किंग स्टाफ को नियमानुसार छूट)
- निर्धारित सीमा से अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पंजीकृत पेशेवर
अपात्र होते हुए भी किस्त प्राप्त करने की स्थिति में राशि वापस करनी पड़ती है, इसलिए पात्रता की जाँच पहले कर लेना ही उचित रहता है।
किस्त कितने महीने के अंतराल पर आती है?
PM Kisan की किश्तें आमतौर पर चार-चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। सटीक तिथि सरकार की घोषणा पर निर्भर करती है।
e-KYC कहाँ से करा सकते हैं?
पोर्टल पर OTP आधारित e-KYC खुद की जा सकती है, और बायोमेट्रिक e-KYC नज़दीकी CSC/जनसेवा केंद्र पर होती है।
Namo Shetkari योजना के लिए अलग आवेदन करना पड़ता है?
यह योजना महाराष्ट्र के PM Kisan लाभार्थियों के लिए पूरक सहायता के रूप में लागू की गई है, इसलिए पात्रता मुख्यतः PM Kisan रिकॉर्ड पर आधारित रहती है। पुष्टि कृषि विभाग से करें।
फसल बीमा में प्रीमियम कितना देना होता है?
किसान का हिस्सा फसल के प्रकार पर निर्भर करता है और शेष प्रीमियम सरकार वहन करती है। मौजूदा दरें pmfby.gov.in पर देखी जा सकती हैं।
अस्वीकरण: किश्त की तिथियाँ, पात्रता शर्तें और बीमा प्रीमियम दरें समय-समय पर बदलती हैं। अंतिम पुष्टि pmkisan.gov.in, pmfby.gov.in अथवा अपने कृषि विभाग कार्यालय से करें।