Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana: भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) देश की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण नकद सहायता योजना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता दी जाती है। इसे आमतौर पर मातृ वंदना योजना या केवल PMMVY के नाम से भी जाना जाता है। इस लेख में हम 2026 के ताज़ा आंकड़ों के आधार पर योजना की पूरी जानकारी, पात्रता, लाभ, दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया विस्तार से जानेंगे।
PMMVY: एक नज़र में
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) |
| संचालन | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| लाभार्थी | गर्भवती महिलाएँ एवं स्तनपान कराने वाली माताएँ |
| सहायता | पहले जीवित शिशु पर ₹5,000 किश्तों में; दूसरी संतान बालिका होने पर अतिरिक्त सहायता का प्रावधान |
| भुगतान | DBT — आधार लिंक बैंक/डाकघर खाते में |
| आवेदन कहाँ | आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र (ASHA/ANM) या PMMVY पोर्टल |
| ज़रूरी दस्तावेज़ | आधार, MCP कार्ड, बैंक पासबुक, प्रसव/टीकाकरण संबंधी प्रमाण |
| शुल्क | निःशुल्क |
Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मजदूरी के नुकसान की भरपाई के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करती है, ताकि महिला प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम कर सके तथा बच्चे और स्वयं के लिए बेहतर पोषण ले सके। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत पूरे देश में लागू है।
ताज़ा आंकड़े (Update जून 2026)
- अब तक 5.04 करोड़ से अधिक लाभार्थी योजना में पंजीकृत हो चुकी हैं
- 4.32 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को भुगतान किया जा चुका है
- योजना के तहत अब तक कुल 20,344 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है
(स्रोत: PMMVY आधिकारिक पोर्टल, अपडेट 30 जून 2026)
PMMVY के तहत मिलने वाले लाभ
योजना के तहत पात्र महिला को कुल राशि तीन किस्तों में दी जाती है:
- पहली संतान के लिए कुल 5,000 रुपये, तीन किस्तों में (गर्भावस्था पंजीकरण पर, प्रसव पूर्व जांच पूरी होने पर, और प्रसव के पंजीकरण व बच्चे के प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा होने पर)
- दूसरी संतान के लिए यदि वह बालिका है, तो संस्थागत प्रसव और टीकाकरण पूरा होने पर एक ही किस्त में 6,000 रुपये
यह राशि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मिलने वाले अन्य लाभों के अतिरिक्त होती है।
पात्रता (Eligibility)
- आवेदक महिला गर्भवती अथवा स्तनपान कराने वाली माँ हो
- यह लाभ पहली जीवित संतान और दूसरी संतान (यदि बालिका हो) के लिए ही मान्य है
- केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम में नियमित नौकरी करने वाली या समान प्रकार की नकद सहायता किसी अन्य योजना से प्राप्त करने वाली महिलाएं पात्र नहीं हैं
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बैंक/पोस्ट ऑफिस खाता पासबुक
- मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड
- गर्भावस्था पंजीकरण एवं प्रसव प्रमाण
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (दूसरी/तीसरी किस्त हेतु)
PMMVY में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW) या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें, या PMMVY पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण करें।
- PMMVY एप्लिकेशन फॉर्म (1A, 1B, 1C) भरें और मांगे गए दस्तावेज़ संलग्न करें।
- फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र में जमा करें, जो आगे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
- सत्यापन के बाद राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेज दी जाती है।
आप चाहें तो UMANG एप या PMMVY की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकती हैं।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
PMMVY पोर्टल पर “Track Status” विकल्प पर जाकर अपना पंजीकरण/आवेदन नंबर दर्ज करके आवेदन की वर्तमान स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा योजना से जुड़ी शिकायत भी “Lodge/Track Grievances” सेक्शन से दर्ज की जा सकती है।
हेल्पलाइन नंबर
- महिला हेल्पलाइन सहायता: 181
- आपातकालीन सेवा: 112
- PMMVY हेल्पलाइन: 1515
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
पहली संतान के लिए 5,000 रुपये तीन किस्तों में और दूसरी संतान (बालिका) के लिए 6,000 रुपये एक किस्त में दिए जाते हैं।
नहीं, यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र महिलाओं के लिए समान रूप से लागू है।
आवेदन नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या PMMVY पोर्टल के माध्यम से जमा किया जा सकता है।
सफल सत्यापन के बाद सामान्यतः कुछ सप्ताह के भीतर राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में जमा हो जाती है, हालांकि यह राज्य/जिले की प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है।
क्या दूसरी संतान पर भी लाभ मिलता है?
योजना का मुख्य लाभ पहले जीवित शिशु पर मिलता है, और दूसरी संतान के बालिका होने की स्थिति में अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है। वर्तमान शर्तें आंगनवाड़ी केंद्र से पुष्टि कर लें।
राशि कितने दिन में खाते में आती है?
सत्यापन पूरा होने के बाद राशि DBT से भेजी जाती है। समय-सीमा राज्य स्तर पर सत्यापन की गति पर निर्भर करती है।
क्या आधार अनिवार्य है?
भुगतान DBT के ज़रिए होता है, इसलिए आधार और आधार से जुड़ा बैंक/डाकघर खाता व्यावहारिक रूप से आवश्यक है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) देश की करोड़ों गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद सहारा बन चुकी है। यदि आपके परिवार में कोई पात्र महिला है, तो नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क कर जल्द से जल्द आवेदन करें ताकि समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। अन्य सरकारी योजनाओं जैसे मातृ वंदना योजना से जुड़ी राज्य स्तरीय सहायता योजनाओं की जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
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किश्तें किस शर्त पर मिलती हैं?
इस योजना में पूरी राशि एक बार में नहीं मिलती, बल्कि गर्भावस्था और शिशु की देखभाल से जुड़े पड़ावों पर किश्तों में दी जाती है। इसका मकसद यह है कि महिला समय पर स्वास्थ्य जाँच कराए और शिशु का टीकाकरण पूरा हो। सामान्य व्यवस्था इस प्रकार रहती है — पहली किश्त गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव-पूर्व जाँच के बाद, और अगली किश्त शिशु के जन्म पंजीकरण तथा निर्धारित टीकाकरण चक्र पूरा होने के बाद। यही कारण है कि MCP कार्ड (मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड) में हर जाँच और टीके की प्रविष्टि करवाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि किश्त जारी करते समय इसी कार्ड को आधार माना जाता है।
आवेदन की प्रक्रिया कैसे पूरी करें
- गर्भावस्था का पता चलने पर सबसे पहले नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराएँ।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या ASHA से PMMVY का फॉर्म प्राप्त करें, अथवा योजना के पोर्टल पर लाभार्थी के रूप में पंजीकरण करें।
- फॉर्म में नाम, पति का नाम, आधार संख्या, MCP कार्ड नंबर, LMP तिथि और बैंक/डाकघर खाते का विवरण भरें।
- आधार, MCP कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करें और आधार सत्यापन के लिए सहमति दें।
- फॉर्म जमा करके पावती/रजिस्ट्रेशन नंबर लें — किश्त की स्थिति पूछने में यही काम आता है।
- शिशु के जन्म के बाद जन्म पंजीकरण और टीकाकरण का विवरण आंगनवाड़ी केंद्र पर अद्यतन कराएँ, ताकि अगली किश्त जारी हो सके।
भुगतान अटकने के मुख्य कारण
- बैंक खाता आधार से लिंक न होना या DBT सक्रिय न होना
- आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग अलग होना
- MCP कार्ड में जाँच/टीकाकरण की प्रविष्टि अपूर्ण रहना
- खाता संयुक्त होना या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होना
- जन्म पंजीकरण का विवरण पोर्टल पर अद्यतन न होना
किश्त न आने पर सबसे पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से अपने आवेदन की स्थिति पुछवाएँ, और समाधान न होने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय में पावती संख्या के साथ शिकायत दर्ज कराएँ।
ध्यान रखने योग्य बातें
- योजना का लाभ लेने के लिए किसी बिचौलिए को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
- फॉर्म में वही मोबाइल नंबर दें जो आपके पास लगातार उपलब्ध रहेगा।
- दस्तावेज़ों की एक प्रति अपने पास रखें।
- सरकारी कर्मचारी होने की स्थिति में मातृत्व लाभ के अन्य प्रावधानों के कारण पात्रता बदल सकती है, इसकी पुष्टि पहले कर लें।
अस्वीकरण: किश्तों की राशि और शर्तों में सरकार समय-समय पर संशोधन करती है। आवेदन से पहले नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या योजना के आधिकारिक पोर्टल से ताज़ा जानकारी की पुष्टि करें।